जयपुर में विकि मीटप के दौरान श्रेया द्विवेदी द्वारा लिया गया चित्र यात्रा करना एक अलग ही अनुभव है और इसी कारण लोग ट्रेवल ब्लॉगर बनते है ...
जयपुर में विकि मीटप के दौरान श्रेया द्विवेदी द्वारा लिया गया चित्र
यात्रा करना एक अलग ही अनुभव है और इसी कारण लोग ट्रेवल ब्लॉगर बनते है ताकि अपनी खुशी को पा सके। मुझे भी यात्राएं करना बहुत अच्छा लगता है लेकिन ज्यादा समय न मिलने के कारण अब तक ज्यादा जगहों का भ्रमण नहीं कर पाया हूँ।
आज मैं मेरे साथ बीते एक वाकये को यहाँ साझा कर रहा हूँ जो शायद आपके साथ भी कभी हुआ होगा या आने वाले समय में होगा। दरअसल मैं बात कर रहा हूँ उस समय की जब मैंने पहली बार हवाई यात्रा की थी। उस दिन को कभी भूल नहीं सकता क्योंकि हवाई जहाज से यात्रा करना कितना सुखद अनुभव होता है ये आपको भी पता ही होगा और अगर आपने अभी तक कभी हवाई यात्रा नहीं की है तो कोई नहीं, आप मेरे ब्लॉग से कुछ सीख सकते है ताकि आपको यात्रा के दौरान कोई दिक्कत न हो।
आज मैं मेरे साथ बीते एक वाकये को यहाँ साझा कर रहा हूँ जो शायद आपके साथ भी कभी हुआ होगा या आने वाले समय में होगा। दरअसल मैं बात कर रहा हूँ उस समय की जब मैंने पहली बार हवाई यात्रा की थी। उस दिन को कभी भूल नहीं सकता क्योंकि हवाई जहाज से यात्रा करना कितना सुखद अनुभव होता है ये आपको भी पता ही होगा और अगर आपने अभी तक कभी हवाई यात्रा नहीं की है तो कोई नहीं, आप मेरे ब्लॉग से कुछ सीख सकते है ताकि आपको यात्रा के दौरान कोई दिक्कत न हो।
जयपुर के हवामहल का एक चित्र
पहली बार मैंने फ्लाइट से यात्रा पुणे से जयपुर के लिए की थी जब जयपुर में हिंदी विकिपीडिया का एक कार्यक्रम आयोजित होने वाला था और उसमें अन्य शहरों से काफी लोग आने वाले थे। यह यात्रा मैंने 10 नवम्बर 2017 को की थी।हालाँकि फ्लाइट से यात्रा करना बहुत अच्छा लगता है लेकिन जब आप पहली बार यात्रा करेंगे तो मन में कुछ डर भी होंगे और कई बातों का ध्यान भी नहीं होता है लेकिन जब एक बार इस प्रोसेस से गुजर जाएंगे तो आगे ऐसी मुसीबत नहीं आती है।
जब यात्रा का दिन आया नजदीक
पहले तो बहुत उत्सुकता थी कि मैं हवाई जहाज से यात्रा करूँगा लेकिन जैसे-जैसे दिन नजदीक आते गए वैसे वैसे डर पनपता गया। सच में यही सोचता रहा कि पता नहीं क्या-क्या करना होगा, सामान कहाँ लगाना होता है, फ्लाइट कहाँ से टेक ऑफ़ करेगी, बोर्डिंग पास इत्यादि की बातें मन में आ रही थी। इसके अलावा कुछ बातों का तो मुझे पता ही नहीं था कि वहाँ क्या-क्या होता है।
फिर मन में ख्याल आया कि क्यों न फ्लाइट का टिकट कैंसल करवा दूँ लेकिन गूगल पर इसके बारे में पढ़ा तो पता चला कि कैंसल करने रिफंड या तो बहुत कम मिलता है या कुछ नहीं मिलता। इस कारण कैंसल नहीं करवाया।
आखिरकार सुकून मिला
जिस दिन फ्लाइट थी ठीक एक दिन पहले मेरे सबसे अच्छे विकिमित्रों में से एक अभिषेक सूर्यवंशी जी का कॉल कि वो भी जयपुर चलेंगे। लेकिन अब यह तय नहीं था कि उन्हें उसी फ्लाइट में टिकट मिलता है या नहीं लेकिन कुछ ही देर बाद उन्होंने बताया कि उन्होंने उसी Air Asia की फ्लाइट नंबर I51426 में टिकट करवा दिया है। तब जाकर शांति मिली।
आपको बता दें कि जब भी आप किसी शहर के लिए हवाई जहाज से यात्रा करें तो हवाई अड्डे पर कम से कम 2 घंटे पहले पहुँच जाना चाहिए क्योंकि कई सारे प्रोसेस होते है। इस कारण कुछ समय पहले ही पहुँच जाना सही है।
मैं भी समय से काफी पहले पहुँच गया और अभिषेक जी पहले से आ चुके थे और हमने एक साथ जो भी प्रक्रियाएं थी पूरी की। अभिषेक जी जो हमेशा भारत और भारत से बाहर की यात्रा करते है इस कारण मुझे किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं हुई।
ऊपर से नजारा देखना बहुत अच्छा लगता है
जब फ्लाइट ने टेक ऑफ़ किया तो शरीर में एक अलग ही बिजली जैसा अनुभव हुआ और कानों में सुनाई देना भी अलग लग रहा था।
हम दोनों आराम से जयपुर पहुँचे और वहां कई लोग आ चुके थे जिनसे बातें करी, मेरा सिर काफी दर्द कर रहा इस कारण दवाई लेनी पड़ी। आखिरकार हवाई जहाज से यात्रा बहुत अच्छी रही, हालाँकि उम्मीद ऐसी नहीं थी क्योंकि अभिषेक जी साथ चलना बाद में ही तय हुआ था।


